EC ने ड्राफ्ट SIR रोल से बाहर हुए वोटर्स को नया मौका दिया; दिल्ली, महाराष्ट्र और 5 दूसरे राज्यों में लोगो को मिली सुविधा

इलेक्शन कमीशन ने सात राज्यों को निर्देश दिया है कि वे एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट मार्क किए गए इलेक्टर्स को नए फॉर्म जमा करने और फाइनल रोल में शामिल होने में मदद करें।

इलेक्शन कमीशन ने सात राज्यों को निर्देश दिया है कि वे एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट मार्क किए गए इलेक्टर्स को नए फॉर्म जमा करने और फाइनल रोल में शामिल होने में मदद करें।

इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) ने शुक्रवार को दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर्स (CEOs) को लिखे एक लेटर में कहा कि एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट (ASDD) मार्क किए गए तथा इस तरह ड्राफ्ट रोल से बाहर किए गए इलेक्टर्स को फाइनल रोल में शामिल होने का “एक और मौका” मिलेगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान ड्राफ्ट रोल से हटाए गए ज़्यादातर इलेक्टर्स अब फॉर्म 6 फाइल किए बिना फिर से शामिल होने की मांग कर सकते हैं। इलेक्शन कमीशन ने साफ किया है कि फॉर्म 6 का रास्ता अभी भी उपलब्ध है, लेकिन यह अकेला ऑप्शन नहीं है।

जैसा की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 6 नवंबर को लिखे एक लेटर में , कमीशन ने कहा कि एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट (ASDD) मार्क किए गए और इस तरह ड्राफ्ट रोल से बाहर किए गए इलेक्टर्स को फाइनल रोल में शामिल होने का “एक और मौका” मिलेगा।

साथ ही यह भी जानकारी प्राप्त हो रही है कि इलेक्शन कंमिशन ने साफ़ किया है की एक्सेप्टेड एप्लीकेंट्स को वही EPIC नंबर मिलेगा जो उनके पास SIR से पहले था, जिससे पता चलता है कि उन्हें पहली बार एनरोल करने वालों के बजाय मौजूदा इलेक्टर्स माना जा रहा है। इन कैटेगरी में कुल मिलाकर 134 मिलियन लोगों में से लगभग 130 मिलियन लोग हैं जिनका नाम रोल से हटा दिया गया है।

लेटर में कहा गया है, “ऐसे सभी वोटर्स की बूथ-वाइज़ लिस्ट, जिन्हें एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड, या डुप्लीकेट (ASDD) के तौर पर मार्क किया गया था और जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म वापस नहीं मिले और इसलिए चल रहे SIR के दौरान ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में शामिल नहीं किए जा सके, उन्हें संबंधित पोलिंग स्टेशन के नोटिस बोर्ड पर नए सिरे से (एक बार फिर) दिखाया जाएगा।”

यह किस तरह काम करेगा

मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन वोटरों ने अपना घर नहीं बदला है, वे अपने भरे हुए एन्यूमरेशन फ़ॉर्म के साथ एक स्टेटमेंट जमा कर सकते हैं, जिसमें यह बताना हो कि वे इसे पहले क्यों जमा नहीं कर सके।

साथ ही जिन लोगों ने राज्य के अंदर ही अपना घर बदल लिया  हैं, उन्हें पता बदलने के लिए फ़ॉर्म 8 भरने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन उन्हें एन्यूमरेशन फ़ॉर्म के साथ अपना नया पता और विधानसभा क्षेत्र बताते हुए एक स्टेटमेंट जमा करना होगा, जिसके साथ एड्रेस प्रूफ़ भी हो।

इसके अलावा, जिन वोटरों के पास पते का कोई डॉक्यूमेंट नहीं है और वे बेघर हैं, उनके लिए BLO की फ़ील्ड वेरिफ़िकेशन रिपोर्ट को रहने के प्रूफ़ के तौर पर माना जाएगा। इसके तहत, जिन वोटरों ने SIR के दौरान नए एनरोलमेंट के लिए फ़ॉर्म 6 पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा एन्यूमरेशन फ़ॉर्म जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी।

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